बाबा रामदेव जी की संध्या आरती
राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री रामदेवरा धाम में प्रतिदिन होने वाली बाबा रामदेव जी की संध्या आरती भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र मानी जाती है। संध्या समय मंदिर परिसर में होने वाली यह दिव्य आरती भक्तों को आध्यात्मिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु बाबा की संध्या आरती में सम्मिलित होकर स्वयं को धन्य महसूस करते हैं।
संध्या आरती का महत्व
बाबा रामदेव जी की संध्या आरती श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। सूर्यास्त के समय मंदिर में दीप प्रज्वलित किए जाते हैं और बाबा की स्तुति में भजन एवं आरती गाई जाती है। इस दौरान पूरा वातावरण “जय बाबा री” के जयकारों से गूंज उठता है।
मान्यता है कि संध्या आरती में सम्मिलित होने से भक्तों के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का आगमन होता है। बाबा रामदेव जी अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं और उन्हें संकटों से रक्षा प्रदान करते हैं।
रामदेवरा धाम की विशेषता
रामदेवरा धाम राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक तीर्थस्थल है। यह स्थान हिन्दू एवं मुस्लिम दोनों समुदायों की आस्था का केंद्र माना जाता है। बाबा रामदेव जी को “रामसा पीर” एवं “रूणीचा रा धणी” के नाम से भी जाना जाता है।
- प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का आगमन
- भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण
- विशाल भादवा मेले का आयोजन
- समाधि दर्शन एवं आरती का विशेष महत्व
- देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु
संध्या आरती का समय
बाबा रामदेव जी की संध्या आरती प्रतिदिन शाम 5:00 बजे मंदिर परिसर में आयोजित की जाती है। त्यौहार एवं विशेष अवसरों पर आरती में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। आरती के दौरान भक्तजन बाबा के भजनों एवं जयकारों के साथ भक्ति में लीन हो जाते हैं।
रामदेवरा कैसे पहुँचे?
रामदेवरा धाम राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित है। यह स्थान सड़क एवं रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। पोकरण से लगभग 12 किलोमीटर, जैसलमेर से लगभग 120 किलोमीटर एवं जोधपुर से लगभग 185 किलोमीटर दूरी पर स्थित यह पावन धाम श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख तीर्थस्थल माना जाता है।
जय बाबा री
बाबा रामदेव जी महाराज सभी भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें एवं सभी की मनोकामनाएँ पूर्ण करें।

