बाबा रामदेव जी की भोग आरती
॥ जय बाबे री... खम्मा खम्मा हो रामा पीर ने ॥
हाथ जोड़ करूँ विनती, सुरता हूँ चित लाय।
बाबा रामदेवजी री आरती, गाऊँ मन हरषाय॥
बाबा रामदेवजी री आरती, गाऊँ मन हरषाय॥
जय देव, जय देव, जय रामा पीरा।
कलयुग के अवतारी, हरियो जन की पीरा ॥ जय देव...
कलयुग के अवतारी, हरियो जन की पीरा ॥ जय देव...
दूध-पताशा, लापसी, चूरमा थारे काज।
नारियल और मिश्री को, भोग लगाओ महाराज॥
नारियल और मिश्री को, भोग लगाओ महाराज॥
जय देव, जय देव, जय रामा पीरा...
घृत का दीपक चाकियो, धूप की महक सुवास।
भगत आरती गा रहे, पूरो मन की आस॥
भगत आरती गा रहे, पूरो मन की आस॥
जय देव, जय देव, जय रामा पीरा...
द्वार थारे जो आवते, दुःख दरिद्र सब जाय।
अंधे को आंखें मिले, कोढ़ी कंचन काया पाय॥
अंधे को आंखें मिले, कोढ़ी कंचन काया पाय॥
जय देव, जय देव, जय रामा पीरा...
डालूबाई और हरजी भाटी, चरण थारे चित लाय।
'रामदेव' प्रभु थारी सरण, बेड़ा पार लगाय॥
'रामदेव' प्रभु थारी सरण, बेड़ा पार लगाय॥
जय देव, जय देव, जय रामा पीरा...
आरती का समय:
दोपहर 12:15 बजे (भोग आरती)

